राजस्थान GK: चित्तौड़गढ़ किले (Chittorgarh Fort) का इतिहास

चित्तौड़गढड़ किले का इतिहास Chittorgarh fort
चित्तौड़गढड़ किले का इतिहास

गढ़ तो चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढैया….ये कहावत राजस्थान की आन बान और शान चित्तौड़ किले (Chittorgarh fort) के लिए कही जाती है. चित्तौड़गढ़ बलिदानों की ऐसी कहानियों का गवाह रहा है. जिस पर हर राजस्थानी को गर्व होता है. चित्तौड़ उस पद्मावती के त्याग औऱ बलिदान का गवाह रहा है. जिसने दुश्मनों के हाथ आने की बजाय खुद को आग के हवाले कर दिया. चित्तौड़गढ़ का इतिहास वीरतापूर्ण लड़ाई, राजपूत शूरता और महिलाओं के साहस का इतिहास है.

विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़
विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़

भीमताल की कहानी

कहा जाता है कि महाभारत काल में महाबली पांडव भीम ने अमरत्व के रहस्य को गहराई से जानने के लिए इस जगह का दौरा किया था. पांडव भीम ने यहां एक पंडित को अपना गुरू बनाया था. भीम ने अपने इस गुरू से अमरत्व के पूरे रहस्य को समझने की कोशिश की. लेकिन इस लंबी प्रक्रिया को भीम समझ नहीं पाया. क्योंकि बीच में ही भीम अधीर हो गए. वो लक्ष्य नहीं पा सके. भीम ने गुस्से में आकर अपना पांव जोर से जमीन पर मारा था. जिसकी वजह से यहां जमीन पर गड्ढा हो गया था. वहां से पानी निकल गया. आज भी पानी के इस कुंड को भीम ताल कहते है.

बाद के वक्त में यहां पर मौर्य वंश ने राज किया. हालांकि इस बारे में सभी एकराय नहीं है कि यहां पर इन शासकों ने कब राज किया. लेकिन इतना तय है कि उदयपुर से पहले चित्तौड़गढ़ ( Chittorgarh fort ) ही मेवाड़ रियासत की राजधानी रहा है. आपको बता दें कि साल 1568 में उदयपुर को मेवाड़ की राजधानी बनाया गया था. एक राय ये भी है कि करीब 8वीं शताब्दी में गुलिया वंश के बप्पा रावल को दहेज में चित्तौड़ का ये हिस्सा मिला था. बप्पा रावल की शादी अंतिम सोलंकी राजकुमारी से हुआ था. मेवाड़ सम्राज्य 16वीं सदी में गुजरात से लेकर अजमेर तक फैला हुआ था. इसी से मेवाड़ राज्य की ताकत को समझा जा सकता है.

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विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़
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चित्तौड़गढ़ का किला ( Chittorgarh fort )

चित्तौड़गढ़ के किले ( Chittorgarh fort ) का निर्माण मौर्य शासक चित्रांगद मौर्य ने कराया था. उसके नाम पर ही इस किले का नाम पड़ा. इसका निर्माण सातवीं सदी में कराया गया था. ये किला 13 किलोमीटर की परिधि में 700 एकड़ जमीन पर फैला है. इस किले की लंबाई करीब 3 किलोमीटर है. चित्तौड़ के किले के इस 7 सौ एकड़ के हिस्से में 65 ऐतिहासिक इमारतें बनी है. इसमें 4 महल है. इसके अलावा 4 स्मारक है और 19 मंदिर है. तो वहीं 22 जल निकाय है. चित्तौड़गढ़ के किले में 7 प्रवेश द्वार है. इन प्रवेश द्वार के नाम राम पोल, लक्ष्मण पोल, हनुमान पोल, भैरों पोल, गणेश पोल, पडल पोल और जोरला पोल है. इन 7 प्रवेश द्वारों से गुजरने के बाद मख्य प्रवेश द्वार से गुजरना होता है. चित्तौड़गढ़ किले के मुख्य प्रवेश द्वार का नाम सूरज पोल है.

चित्तौड़गढ़ किले से जुड़े कुछ अहम सवाल

  • चित्तौड़गढ़ किले का निर्माण कब हुआ- सातवीं शताब्दी
  • चित्तौड़गढ़ के किले का निर्माण किसने कराया था- चित्रांगद मौर्य
  • उदयपुर से पहले मेवाड़ की राजधानी कहां थी- चित्तौड़
  • भीम पांडव से जुड़ी भीमताल कहां है- चित्तौड़
  • अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर हमला कब किया था- 1303 ईस्वी में
  • अकबर ने चित्तौड़ पर हमला कब किया- 1567 ई.
  • चित्तौड़ के किले के अंदर स्थित विजय स्तंभ का निर्माण किसने कराया था- राणा कुंभा ने
  • राणा कुंभा ने विजय स्तंभ का निर्माण क्यों कराया था- महमूद खिलजी पर जीत की वजह से
  • कीर्ति स्तंभ का निर्माण किसने कराया था- जैन व्यापारी जीजाजी राठौड़ ने
  • कीर्ति स्तंभ का दूसरा नाम क्या है- टॉवर ऑफ फेम
  • कीर्ति स्तंभ किसे समर्पित है- जैन तीर्थकर आदिनाथ को
  • चित्तौड़ किले का सबसे पुराना ढ़ांचा क्या है – राणा कुंभा पैलेस
  • यूनेस्को ने चित्तौड़ के किले को विश्व धरोहर कब घोषित किया गया- 2013 में
  • चित्तौड़गढ़ किले में घूमने में कितना किराया लगता है- भारतीयों के लिए 5 रूपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 100 रूपए (15 साल से कम उम्र का टिकट नहीं लगता है)

राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण किले

राजस्थान के 6 किलो को जून 2013 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था

  • चित्तौड़ के किले का इतिहास
  • सोनार दुर्ग, जैसमेर
  • जयगढ़ दुर्ग जयपुर
  • आमेर दुर्ग जयपुर
  • नाहरगढ़ का किला जयपुर
  • मेहरानगढ़ का किला जोधपुर
  • जूनागढ़ का किला बीकानेर
  • हवामहल जयपुर
  • सिटी पैलेस उदयपुर
  • कुंभलगढ़ का किला-
  • अचलगढ़ का किला, माउंट आबू
  • तारागढ़ का किला (गढ़बिठली) अजमेर
  • गागरोन का किला झालावाड़
  • डीग का किला भरतपुर
  • कोटा का किला
  • तारागढ़ बूंदी का किला
  • अकबर का किला (दौलतखाना) अजमेर
  • नीमराना दुर्ग अलवर
  • खिमसर किला सिरोही
  • अहिछत्रगढ़ किला नागौर

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