अजय देवगन और काजोल की प्रेम कहानी

ajay devgon and kajol
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फिल्मी सितारों की कहानियां भी फिल्मी होती है. परदे पर फिल्मी दुनिया भले ही कैसी नजर आती हो. लेकिन पारिवारिक जिंदगी में ये भी आम इंसान की तरह सोचते है. बात चाहे अपने भविष्य की हो. या शादी विवाह के बंधन की हो. अजय देवगन और काजोल उन लोगों में से है. जिनकी प्रेम कहानी और शादी के बाद की खुशनुमा जिंदगी सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है. काजोल और अजय देवगन की जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए. इस प्रेम कहानी में कई खलनायक भी आए. लेकिन दोनों ने समझदारी से इसे हेंडल किया.

ajay devgon and kajol
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अजय देवगन और काजोल के गहरे प्रेम का आप इसी बात से अनुमान लगा सकते है कि जिस वक्त शदी की थी. तब काजोल का करियर अपने पीक पर था. काजोल ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी कई ब्लॉक बास्टर फिल्में कर चुकी थी. और वो इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की टॉप अभिनेत्रियों में से एक थी. आज भी ये जोड़ी हिंदी फिल्म जगत की सबसे शानदार जोड़ियों में शुमार है.

फिल्म हलचल में हुई थी मुलाकात

अजय देवगन और काजोल पहली बार साल 1995 में आई फिल्म ‘हलचल’ में दोनों एक साथ नजर आए थे. और इसी फिल्म में दोनों के बीच प्यार पनपा था. उसी साल 1995 में अजय देवगन और काजोल की एक और फिल्म गुंडाराज भी आई थी. हालांकि इन दोनों के अफेयर के बारे में तब तक किसी को पता नहीं चला था. इसके कुछ ही वक्त बाद इसी साल यानि 1995 में ही एक और फिल्म आई, ”दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे” में काजोल बड़ी स्टार बनकर सामने आई. लेकिन इस फिल्म से उसका नाम शाहरूख खान के साथ जुड़ने लगा.

शाहरूख के साथ जुड़ा काजोल का नाम

shahrukh kahn and kajol
shahrukh kahn and kajol

काजोल औऱ अजय देवगन के बीच बात तो हुई, लेकिन प्यार परवान नहीं चढ़ा. क्योंकि लोग और आम दर्शक काजोल का नाम रोमांस किंग शाहरूख खान के साथ जोड़ने लगे. लेकिन जब 1998 में फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ में काजोल और अजय ने काम किया. तब दोनों ने अपने अपने प्यार का इजहार भी किया. अपने प्यार के इजहार के बाद दोनों ने इंतजार नहीं किया. और अगले ही सला 1999 में महाराष्ट्रीयन तरीके से दोनों ने शादी कर ली. क्योंकि दोनों ये नहीं चाहते थे कि काजोल का नाम शाहरूख खान के साथ जुड़े.

हालांकि शादी के बाद भी काजोल ने फिल्मों में काम करना बंद नहीं किया. एक बार इसका वैवाहिक जीवन पर भी असर पड़ा. कुछ वक्त तक तो अजय देवगन के साथ ही फिल्में की. जिसमें राजू चाचा और दिल क्या करें जैसी कई फिल्में आई. लेकिन काजोल का नाम फिर से शाहरूख खान के साथ जुडने लगा. एक समय ऐसा आया जब फिल्मी परदे पर काजोल और शाहरूख खान को जोड़ी को सबसे ज्यादा पसंद किया जाने लगा. लेकिन अजय देवगन को ये बात खटकने लगी. वो नहीं चाहते थे कि दर्शक काजोल को शाहरूख के साथ देखना पसंद करें.

साल 2001 में काजोल और शाहरूख खान की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ आई थी. इसमें भी दर्शकों ने काजोल शाहरूख की जोड़ी को पसंद किया. इस बात को खुद काजोल भी समझ गई थी. यही वजह थी कि काजोल ने खुद भी कुछ वक्त के लिए फिल्मों से ब्रेक ले लिया. काजोल ने अपने परिवार की खुशी के लिए कुछ वक्त के लिए खुद को फिल्मों से दूर कर दिया. और पूरा समय परिवार को देने लगी. ताकि अपने और अजय देवगन के रिश्तों के बीच किसी और का नाम न आए.

अजय देवगन और काजोल की दोस्ती तनीषा ने कराई

kajol and tanisha mukharji
kajol and tanisha mukharji

साल 2006 में फना फिल्म से काजोल ने अपने फिल्मी करियर की दूसरी पारी का आगाज किया. काजोल और अजय देवगन को मिलाने वाली लड़की का नाम तनीषा है. तनीषा अजय की साली है. उसने खुद एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया था. उसने बताया कि शुरूआत में जब अजय देवगन और काजोल के बीच प्रेम पनपने लगा. तब तनीषा ही अजय देवगन की तरफ से गिफ्ट काजोल तक पहुंचाती थी. अजय देवगन के मैसेज काजोल तक पहुंचाती थी. इतना ही नहीं. दोनों के बीच मुलाकात कैसे और कहां करानी है ये भी तनीषा ही तय करती थी. इसका एक कारण ये भी कि काजोल ने काफी दिनों तक अपने परिवार को अजय देवगन के बारे में नहीं बताया था.

पहली बार जब काजोल की मां को दोनों के बीच की दोस्ती औऱ अफेयर के बारे में पता चला. तो उसने ये रिश्ता सिर्फ इसलिए स्वीकार किया. क्योंकि अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का काम तनुजा को पसंद था. तनुजा को ऐसा लगता था कि अजय देवगन भी अपने पिता की तरह ही होगा. क्योंकि तनुजा वीरू देवगन की फैन थी और उनका काम काफी पसंद करती थी.

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