देश और दुनिया में 2019 की 10 बड़ी घटनाएं

साल 2019 में बड़ी घटनाओं की बात करें तो ऐसी कई घटनाएं हुई है जिसने देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. आज हम आपको भारत की 10 बड़ी घटनाएं और दुनिया की 10 बड़ी घटनाओं के बारे में बताएंगे. सबसे पहले दुनिया की 10 बड़ी घटनाएं बताते है

ब्रेग्जिट- यूरोपिय यूनियन से अलग हुआ ब्रिटेन

2019 की बड़ी घटनाएं
2019 की बड़ी घटनाएं

ब्रिटेन इस साल यूरोपिय यूनियन से अलग हो गया है. इसके लिए ब्रिटेन में जनमत संग्रह कराया गया. इससे पहले यूरोपिय यूनियन में 21 देश थे जो अब 20 रह गए है. हालांकि पूरी तरह से अलग होने का प्रोसेस 2 साल तक चलेगा. ब्रिटेन अभी तक यूरोपिय यूनियन से वित्तीय डील करने में कामयाब नहीं हो पाया है. अब तक दो प्रधानमंत्री इस पर इस्तीफा दे चुके है.

फैसले के तुरंत बाद डेवीड केमरून ने इस्तीफा दिया और बाद में जून 2019 में थेरेसा मे इसी का शिकार हुई. फिलहाल बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री है. उन्हौने समय से पहले आम चुनाव कराने का फैसला लिया है.

हांगकांग में प्रदर्शन

hongcong-protest-2019
करीब 10 लाख युवा सड़क पर उतरे हुए है कई महीनों से

हांगकांग चीन के दक्षिण प्रांत का एक शहर है. जिसे दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटेन ने चीन को 100 साल की लीज पर दिया था. लेकिन यहां पर चीन का पूरा अधिपत्य नहीं है. इस साल चीन ने एक प्रत्यर्पण कानून बनाया. जिसमें हांगकांग के किसी व्यक्ति को अपराधिक मामलों में चीन आसानी से प्रत्यर्पण कर सकता है. इसी कानून के खिलाफ करीब 10 लाख युवा सड़कों पर उतर आए. इसका नेतृत्व करने वाला एक 10 साल का युवा है.

अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर

2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सलाहकारों को कहा था- आई वांट टैरिफ…. साल 2018 में उन सलाहकारों ने इस काम को बेहतर ढ़ंग से किया. और 2019 में ये और विकराल हो गया. अमेरिका ने चीन से आने वाले सामान पर टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया. 50 अरब डॉलर से शुरू हुआ ये खेल 250 अरब डॉलर तक पहुंच गया. बदले में चीन ने भी 110 अरब डॉलर का टैरिफ लगा दिया. हालांकि इसमें चीन से ज्यादा नुकसान अमेरिका को हुआ. अमेरिका में टैरिफ ज्यादा लगने से कंपनियां वहां जाना छोड़ रही थी. वहां के किसानों से उत्पाद खरीदने में कंपनियां कतरा रही थी. और इस ट्रेड वॉर का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा. दुनिया भर के स्टॉक मार्केट धराशायी हो गए.

ट्रंप और किम जोन उन की मुलाकात

उत्तर कोरिया की सरहद पर किम के साथ ट्रंप

दुनिया के सबसे सनकी तानाशाह और दुनिया के ताकतवर मुल्क के ताकतवर इंसान की इसी साल दो बार मुलाकात हुई. पहली मुलाकात फरवरी में हुई और दूसरी जून में हुई. किम जोन उन के साथ डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया की धरती पर पांव रखा. और ऐसा करने वाले वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने. ट्रंप और किम दोनों एक दूसरे के बारे में कई बयान दे चुके है. लेकिन जब दोनों की मुलाकात हुई. तो दोनों के चेहरे पर काफी मुस्कान थी. दोनों ने हाथ मिलाया. मीडिया के सामने सवालों का जवाब दिया.

पाकिस्तान में भारत की एयरस्ट्राईक

पाकिस्तान स्पॉन्सर आतंकियों ने 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जवानों पर हमला किया. इसमें 50 जवान शहीद हो गए. बदले में भारतीय सेना ने 26 और 27 फरवरी की मध्यरात्री को पाकिस्तान में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. जिसमें करीब 280 आतंकी मारे गए. इस हमले के दूसरे दिन एलओसी पर भारतीय वायुसेना और पाकिस्तान के F-16 विमानों में झड़प हुए. जिसमें भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन विमान से इजेक्ट होकर पाकिस्तान में चले गए. वहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हैं पकड़ लिया. हालांकि भारत के दबाव के आगे पाकिस्तान को झुकना पड़ा और उन्हैं छोड़ दिया.

आतंक के बगदादी का खात्मा

2019 साल पिछले कई सालों में आतंक खात्मे में बड़ी कामयाबी वाला साल है. इस साल आतंकवादी संगठन आईएस के सरगना और आतंक के बगदादी अबु बकर अल बगदादी को अमेरिकी सेना ने मार गिराया. बात में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टी की. हमले के समय बगदादी एक सुरंग में छिपा हुआ था. इस हमले में बगदादी के तीन बच्चे भी मारे गए. अमेरिकी सेना ने बगदादी के पीछे सुरंग में खतरनाक कुत्तों को छोड़ा था. जिसकी वजह से बगदादी ने खुद अपने आप को विस्फोट से उड़ा दिया था. मौत के समय बगदादी 48 साल का था.

अमेरिका-तालीबान की शांति वार्ता

अमेरिका और रूस के बीच शक्ति संघर्ष की लड़ाई ने कई देशों को तबाह किया. अफगानिस्तान भी उसी का शिकार हुआ. लेकिन 2019 में अफगानिस्तान में शांति बहाली की एक उम्मीद जगी थी. तोलीबान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता शुरू हुई. इसके लिए रूस को वार्ता की जगह चुना गया. लेकिन ये वार्ता सफल नहीं हुई. हालांकि अब एक बार फिर से शांति वार्ता की उम्मीद जगी है. सूत्रों के मुताबिक तालीबान हमले रोकने के लिए तैयार हो गया है.
आपको बता दें कि दोनों पक्षों के बीच सितंबर में बातचीत के कई दौर चले थे. लेकिन इसी बीच तालीबानी संगठनों ने एक ऐसी जगह हमला कर दिया जहां एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत खत्म कर दी. बताया जाता है कि ट्रंप अफगानिस्तान से अपनी सेनाएं नहीं हटाना चाहते. इसी वजह से उन्हौने जानबूझ कर बातचीत खत्म की. अमेरिका इन आर्मी बेस के जरिए पूरे मिडल इस्ट पर पकड़ बनाए रखना चाहता है.

सीरिया पर तुर्की का हमला

इसी साल 2019 में अमेरिका ने सीरिया से अपनी सेनाएं हटाई थी. अमेरिका की सेनाओं के हटते ही तुर्की ने सीरिया पर हमला कर दिया. इसमें तुर्की ने कुर्दिश लड़ाकों को निशाना बनाया था. इसमें दुनिया समेत यूरोप और एशिया प्रभावित हुआ था. भारतीय विदेश मंत्रालय को भी आगे आकर ये कहना पड़ा था कि तुर्की को सीरिया की आजादी का ख्याल रखना चाहिए. इन हमलों का ऐलान तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने किया था. इसी वजह से इन हमलों ने दुनिया भर की राजनीति को प्रभावित किया. आपको बता दें कि इसी साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से अपनी सेनाएं वापिस बुलाने का ऐलान किया था. और अमेरिकी सेनाओं के हटते ही तुर्की ने हमला कर दिया.

श्रीलंका न्यूजीलैंड में आतंकी हमले

श्रीलंका और न्यूजीलैंड में हुए आतंकी हमलों ने भी 2019 में दुनिया को हिला कर रख दिया. अप्रैल 2019 में श्रीलंका में तीन चर्च समेत 6 जगहों पर बम धमाके हुए. इन बम धमाकों में करीब 200 लोगों की मौत हुई. ये धमाके कोलंबो समेत तीन शहरों में हुए थे. तो वहीं चर्च में हुए सभी धमाके आत्मघाती थे. उस दिन ईस्टर पर्व की वजह से बड़ी संख्या में ईसाई लोग प्रार्थना करने चर्च आए हुए थे. इस हमले के तार भारत से भी जुड़े. केरल और तमिलनाडु में कई जगह छापेमारी हुई. इसमें आतंकी संगठन आईएसआईएस का हाथ भी सामने आया. इन 9 हमलावरों में एक महिला भी शामिल थी. हालांकि मामले की जांच अब भी जारी है.

हालांकि इस हमले की वजह से श्रीलंका की सियासत भी काफी गर्माई थी. कई मंत्रियों ने तो ये भी आरोप लगाए कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आपसी झगड़े की वजह से ये चूक हुई. इंटेलीजेंस इनपुट होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई

न्यूजीलैंड में भी 15 मार्च को दो मस्जिदों पर आतंकवादी हमले हुए. इन हमलों में 51 लोगों की मौत हुई. हमले को 28 साल के ऑस्ट्रेलियाई ब्रेंटन टैरेंट ने अंजाम दिया. इस युवक पर हत्या के 50 और हत्या की कोशिश के 39 आरोप पहले से थे. हमले के तार श्रीलंका धमाकों से भी जुड़े. श्रीलंका के रक्षामंत्री रुवन विजेवर्दने ने कहा था कि ईस्टर पर हुए आत्मघाती हमले, मार्च में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में हुई गोलीबारी से जुड़े हैं.

2019 में देश में 10 बड़ी घटनाएं

2019 का साल कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. 2019 में कई बड़ी सियासी घटनाएं हुई. 2018 के आखिर में जिस कांग्रेस को सियासी उम्मीद नजर आ रही थी. उसे लोकसभा चुनाव में बुरी हार का सामना करना प़ड़ा. और बीजेपी लगातार दूसरी बार देश की सत्ता पर काबिज हुई. लोकसभा चुनाव के बाद सियासी ऊंट ने फिर करवट बदली. और महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में बीजेपी को बुरा दौर देखने को मिला. तो वहीं कांग्रेस एक के बाद एक राज्यों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है. अब हम आपको देश की 10 बड़ी सियासी घटनाओं के बारे में बताएंगे.

2019 में देश में बड़ी घटनाएं
2019 में देश में बड़ी घटनाएं

लोकसभा चुनाव 2019

लोकसभा चुनाव 2019 इस साल की देश में सबसे बड़ी सियासी घटना थी. इन चुनावों में बीजेपी 303 सीटें जीतकर अकेले दम पर सत्ता में आई और नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने. अमेठी से स्मृति इरानी के सामने राहुल गांधी को हार का साामना करना पड़ा. तो वहीं एमपी की गुना सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार भी चौकाने वाली थी. पीएम मोदी वाराणसी से फिर से सांसद बने. मोदी ने 4 लाख 79 हजार 505 वोटों से जीत हासिल की.

कश्मीर से अनच्छेद 370 हटाना

मोदी सरकार ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने के बाद जो सबसे चौकाने वाला फैसला लिया वो था कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करना. सरकार गठन में पीएम मोदी ने गृहमंत्री का पद अमित शाह को सौंपा था. फारूख अब्दुला और महबूबा मुफ्ती के तमाम बयानों के दबाव में आए बिना ये बिल संसद के दोनों सदनों से पास हुआ.

नागरिकता संशोधन कानून लाया गया

नागरिकता संशोधन कानून भी साल के आखिरी महीने में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. बीजेपी सरकार के इस फैसले के बाग देश के कई हिस्सो में हिंसा हुई. दरअसल इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांगलादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है. लेकिन मुस्लिम समाज में अफवाहें फैलाई गई कि उनकी नागरिकता छीनी जा रही है.

राम मंदिर मुद्दे पर फैसला

देश की सर्वोच्च अदालन ने इस साल राम मंदिर पर अहम फैसला सुनिया. नंवबर में पांच जजों की पीठ ने जब फैसला सुनाया तो देश ही नहीं. बल्कि पूरी दुनिया की इस पर नजर थी. देश में एकता का संदेश देते हुए पांच जजों का संयुक्त फैसला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने पढ़ा. और आयोध्या में विवादित जमीन पर रामलाल के पक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले को पूरे देश ने एक सुर में स्वीकार किया.

अरूण जेटली और सुषमा स्वराज का निधन

अरूण जेटली और सुषमा स्वराज का निधन
अरूण जेटली और सुषमा स्वराज का निधन

इस साल देश ने कई दिग्गजों के निधन का दुखद समाचार भी सुना. पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी इस साल निधन हुआ.

राहुल गांधी का अध्यक्ष पद से इस्तीफा

लोकसभा चुनाव में बुरी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया. राहुल गांधी ने दूसरे नेताओं से भी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे का आह्वान किया. लेकिन कोई बड़ा इस्तीफा सामने नहीं आया. बाद में पार्टी की कमान सोनिया गांधी के हाथों में सौंपी गई. राहुल गांधी खुद वायनाड से तो चुनाव जीत गए थे लेकिन अमेठी से चुनाव हार गए. उसके बाद राहुल गांधी ने सक्रियता को काफी कम कर दिया. हालांकि अब एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को प्रमोट करने की तैयारी कर रही है.

सक्रिय राजनीति में प्रियंका गांधी

2019 लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में वापिस आई. प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश के एक हिस्से का महासचिव बनाकर वहां संगठन की जिम्मेदारी दी गई. लोकसभा चुनावों में कई राज्यों में रैलियां भी की. चुनावों के बाद भी प्रियंका गांधी लगातार सक्रिय है. और पार्टी की कमान संभाले हुए है. हालांकि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि राहुल गांधी का चेहरा ही आगे रहे.

कर्नाटक में बीजेपी सरकार

2018 में जो बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने से चंद कदम पीछे रह गई थी. उसने 2019 में यहां सत्ता हासिल कर ली. 2018 के चुनावों में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें हासिल की थी. येद्दिरूप्पा सीएम भी बने लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाए जिसकी वजह से इस्तीफा दे दिया. बाद में कांग्रेस जेडीएस ने गठबंधन सरकार बनाई. जिसमें एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन दोनों पार्टियों में सही तालमेल नहीं बैठा. लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई में विश्वास मत में गठबंधन सरकार गिर गई. और बीजेपी के सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया.

जेल गए पी चिदंबरम

पूर्व वित्त और गृह मंत्री पी चिदंबरम का जेल जाना इस साल की सबसे अहम घटनाओं में से एक थी. आईएनएक्स मीडिया मामले में ईडी और सीबीआई दोनों ने उन पर शिकंजा कसा. 21 अगस्त 2019 की शाम को उन्हैं उनके घर से गिरफ्तार किया गया. 106 दिन जेल में रहने के बाद 4 दिसंबर को उन्हैं जमानत मिली.

उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम बने

महाराष्ट्र में भी इस साल बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा. लेकिन चुनावों के बाद शिवसेना कांग्रेस के पाले में चली गई. और महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना गठबंधन सरकार बनी. जिसमें शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने. हालांकि इस बीच अजीत पवार कुछ वक्त के लिए बीजेपी के पाले में चले गए थे जिसकी वजह से देवेंद्र फड़नवीस ने शपथ जरूर ली थी. लेकिन सदन में बहुमत नहीं दिखा. जिसकी वजह से उन्हौने बहुमत से पहले ही इस्तीफा दे दिया.

ये भी पढें-

Facebook Comments