प्रमोद महाजन की हत्या क्यों हुई थी ?

प्रमोद महाजन नब्बे के दशक में बीजेपी के ताकतवर नेताओं में से एक थे. अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने। तब भी वे से करीब करीब हर मामले में सलाह लेते थे। महाजन और जसवंतसिंह उन कुछ नेताओं में से एक थे। जिनका वाजपेयी सरकार में पीएमओ में सीधा दखल होता था। बीजेपी में इवेंट मैनेजमेंट का श्रेय प्रमोद को ही जाता है। उनकी बीजेपी के पूरे वित्तिय सिस्टम पर पकड़ थी.

3 मई 2006 को उन्हौने ने आखिर सांस ली। इससे ठीक 13 दिन पहले उनके भाई प्रवीण महाजन ने घर में ही उनको तीन गोलियां मार दी थी। 13 दिन तक अस्पताल में रहे। उसके बाद उनका निधन हो गया। वैसे तो ये मौत आज तक रहस्य है लेकिन प्रवीण महाजन ने 2009 में एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्हौने बताया था कि किसी बात को लेकर दोनों भाईयों की बहस हो गई थी. और फिर गुस्से में गोली चला दी.

अटल बिहारी वाजपेयी और प्रमोद महाजन

उन्हौने ने 21 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली थी. लेकिन प्रवीण महाजन का कहना था. कि वे उसे इग्नोर करते थे. इसी बात पर प्रवीण गुस्सा हो गए. गुस्से में गोली चला दी. हालांकि निधन से पहले उन्हौने प्रवीण को माफ कर दिया था. अपने साले से कहा था. कि प्रवीण को माफ कर देना.

बाद में प्रवीण महाजन ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया. 18 दिसंबर 2007 को उन्हैं उम्र कैद की सजा सुनाई. 3 मार्च 2010 में प्रवीण महाजन का निधन हो गया. निधन के वक्त वे पैरोल पर जेल से बाहर थे. प्रवीण को वो चंदू कहकर पुकारते थे. ये नाम अपने फेवरेट क्रिकेटर चंदू बोर्डे के नाम पर रखा था.

बाला साहेब ठाकरे के साथ प्रमोद महाजन के अच्छे संबंध थे

प्रमोद महाजन का जमीन विवाद

इस गोलीकांड के पीछे एक और कहानी है. प्रमोद महाजन के पिता व्यंकटेश महाजन की उस्मानाबाद जिले में एक पुस्तैनी जमीन थी. ये प्रमोद के दोनों भाई, दोनों बहन और मां के नाम थी. 1 जून 2004 को प्रमोद ने ये जमीन तपस्वी चैरीटेबल ट्रस्ट को दान दे दी. इसकी बाजार कीमत 100 करोड़ के करीब थी उस वक्त. बताया जाता है कि इसको लेकर ही दोनों के बीच विवाद हुआ था. हालांकि प्रवीण जिंदगी भर अपनी इस गलती के लिए पश्चाताप करते रहे.

उनके और प्रवीण के अलावा तीसरे भाई प्रकाश महाजन ने 2010 में कोर्ट में इस पर आपत्ति जताई थी. प्रकाश महाजन ने कहा कि जमीन पर सबका बराबर हक था. लेकिन दान देते समय सबसे राय नहीं ली गई थी. आपको बता दें कि दान दी जमीन पर पिता व्यंकटेश महाजन के नाम कॉलेज भी बनी थी.

प्रमोद महाजन का परिवार

प्रमोद महाजन का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को हुआ था. उनका एक बेटा राहुल महाजन है. एक बेटी पूनम महाजन है. जो बीजेपी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष है. पत्नी का नाम रेखा महाजन है. जन्म आंध्र प्रदेश के महबूबनगर में हुआ था. कार्यक्षेत्र मुंबई रहा. वहीं से वे लोकसभा सांसद बने. प्रमोद पार्टी की तरफ से राज्यसभा सांसद भी बने थे.

अपने पिता प्रमोद महाजन के साथ राहुल महाजन
पिता प्रमोद महाजन के साथ पूनम महाजन (पूनम अभी BJYM की राष्ट्रीय अध्यक्ष है)

प्रमोद महाजन 1986 में बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. उस वक्त उन्हौने राजनाथ सिंह को यूपी बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. बाद में राजनाथ जब पार्टी के अध्यक्ष बने. तो प्रमोद महाजन उनके अधीन महासचिव की भूमिका में काम कर रहे थे. आज उनकी बेटी पूनम महाजन बीजेपी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष है.

अटल सरकार में मंत्री रहे

वो अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक सलाहकार रहे. संचार मंत्री और संसदीय कार्य मत्री भी रहे. 2004 में प्रमोद महाजन के कहने पर ही लोकसभा चुनाव तय समय से पहले कराए गए थे. दिसंबर 2005 में जब बीजेपी रजत जयंती मना रही थी. तो अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हैं लक्ष्मण का खिताब दिया था. हालांकि राम खुद को नहीं कहा था. राम आडवाणी जी को कहा था. इसके बाद कयास लगाए गए कि प्रमोद महाजन को पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

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