Pakistan के मंत्री ने भारत के Chandrayaan 2 पर कसा तंज, मिले ऐसे जवाब !

Pakistan minister tightens India's Chandrayaan 2,indian's gets such answer
Pakistan minister tightens India's Chandrayaan 2,indian's gets such answer

भारत का मिशन चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) आखिरी वक्त में अपने रास्ते से भटक गया। वहीं, एक बार फिर पाकिस्तान (Pakistan) ने दिखा दिया कि वह भारत से किस तरह चिढ़ता है। दरअसल चंद्रयान 2 का लैंडर जब चंद्रमा की सतह से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर था, उसका संपर्क धरती के कंट्रोल रूम से टूट गया। इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों में निराशा छा गई।

आज पाकिस्तान (Pakistan) के मंत्री फवाद चौधरी ने चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) को लेकर भारत पर तंज कसा, लेकिन वैज्ञानिक दोबारा संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। आपको बता दें की पाकिस्तान (Pakistan) के लोग मिशन चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) को लेकर सोशल मीडिया परतरह तरह के मजाक बनाने लगे। पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने ट्वीट कर बेहूदा टिप्पणी कर अपनी बौखलाहट दिखाई है।

फवाद चौधरी ने ट्वीट किया कि, ‘…. जो काम आता नहीं पंगा नहीं लेते ना…. डियर “एंडिया”. उन्होंने मिशन एंड होने के कारण व्यंग्य में इंडिया को “एंडिया” लिख दिया। इसके बाद ट्वीटर यूजर्स ने उनकी जमकर क्लास लगाई।

एक यूजर ने लिखा कि आने वाले 20-25 साल तक तो भारत और भारतीयों को पाकिस्तान को चंद्रमा पर पहुंचने में सफल होते देखना मुश्किल हैं, इसलिए पाकिस्तान को घबराना नहीं चाहिए बल्कि आराम से सोना चाहिए।

वही एक ट्वीटर यूजर ने लिखा कि मजेदार बात यह है कि चंद्रयान-2 ने फवाद को पूरी रात जगाकर रखा है। इसके जवाब में एक और ट्वीटर यूजर ने लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा है कि मंत्री चुपके चुपके मिशन देख रहे थे।

एक यूजर ने मंत्री फवाद के बेहूदे ट्वीट का बहुत शानदार जवाब दिया उसने लिखा कि प्रिय पाकिस्तान अगर यह आपके विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री की प्रतिक्रिया है, तो सोचें कि आप कहां खड़े हैं। बहुत सारे छोटे आदमी बेकार कार्यालयों पर कब्जा कर रहे हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि हर कोई आपसे दूरी बनाए हुए हैं।

आपको बता दें कि भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो दुनिया की सबसे ताकतवर स्पेस एजेंसियों में से एक है। लेकिन क्या आपने पड़ोसी देश पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी सुपारको के बारे में सुना है।

दरअसल ये बात बहुत कम लोगों को मालूम है कि भारत से कई साल पहले शुरू हुआ था पाकिस्तानी स्पेस प्रोग्राम, सुपारको की स्थापना 1961 में हुई थी जबकि इसरो की स्थापना करीब इसके आठ साल बाद 1969 में हुई थी।

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