Aircel Maxis Case: पुख्ता सबूत के साथ पेश हो ED और CBI, तभी होगी सुनवाई !

एयरसेल मैक्सिस केस (Aircel Maxis Case) में सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है, पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम वाले इस मामले की सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित करते हुए कहा कि सीबीआई और ईडी बार-बार स्थगन मांग रहे थे।

आपको बता दें की एयरसेल मैक्सिस केस (Aircel Maxis Case) में विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने बिना कोई तारीख बताए सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि जब भी जांच पूरी हो जाए तो अभियोजन पक्ष अदालत का रुख कर सकता है।

फ़िलहाल कल रात से तो चिंदम्बरम तिहाड़ जेल में बंद है और उन्हें एक आम कैदी की तरह रखा गया, आदालत ने एयरसेल मैक्सिस सौदे के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर मनी लॉंड्रिंग के मामले के साथ ही सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में चिदंबरम और उनके बेटे को बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत दे दी थी।

सीबीआई और ईडी इस बात की जांच कर रहे हैं कि साल 2006 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तब उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम को एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी कैसे मिली।

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया था कि यूपीए सरकार के दौरान वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी क्षमता से परे जाकर इस सौदे को मंजूरी दी और रिश्वत ली थी।

दरअसल जब से चिदंबरम के ऊपर कार्रवाई शुरू हुई है तब से पूरी कांग्रेस पार्टी बीजेपी पर ये आरोप लगा रही है की भाजपा कांग्रेस के नेताओं के साथ बदले की कार्रवाई कर रहा है। वही चिदंबरम की गिरफ़्तारी के बाद कपिल सिबल ने सविधान पर सवाल खड़े किए।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 करोड़ तीन महीने में लौटने को कहा !

दूसरी तरफ उच्चतम न्यायलाय ने कार्ति चिदंबरम द्वारा विदेश यात्रा के लिये न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा कराये गये दस करोड़ रूपये अभी और तीन महीने तक लौटाने से आज इनकार कर दिया ।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह रकम अभी और तीन महीने तक सावधि खाते में जमा रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मई के महीने में भी दस करोड़ रूपये की यह राशि लौटाने से इनकार कर दिया था।

गौरतलबा है की पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबमर के पुत्र कार्ति ने इससे पहले न्यायालय में दावा किया था कि, उन्होंने यह रकम कर्ज पर ली थी और वह इस पर अभी तक ब्याज अदा कर रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सात मई को कार्ति को मई और जून के महीने में ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन की यात्रा करने की अनुमति दी थी।

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