Shehla Rashid पर फर्जी हिंसा भड़काने का आरोप, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट !

Shehla Rashid accused of inciting fake violence against indian army, case filed in Supreme Court
Shehla Rashid accused of inciting fake violence against indian army, case filed in Supreme Court

2019 के लोकसभा चुनाव में सुर्खियों में रहने वाली जेएनयू (JNU) की छात्रा शेहला रशीद (Shehla Rashid) जो अक्सर बीजेपी और मोदी सरकार का विरोध करती नज़र आती है, वो एक बार फिर सुर्खियों में है।

दरअसल शेहला रशीद (Shehla Rashid) के खिलाफ दिल्ली में एक आपराधिक शिकायत दायर की गई है। जिसमें कथित तौर पर भारतीय सेना और भारत सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है। यह शिकायत सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दर्ज करवाई है।

दरअसल शेहला रशीद ने केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35A को हटाने वाले फैसले पर विरोध जताया था, शेहला ने अपने ट्विटर पर भारतीय सेना पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद भारतीय सेना ने शेहला को जवाब दिया है।

शेहला रशीद ने बीते दिन कश्मीर के हालात को लेकर 10 ट्वीट किए थे, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में हालात बेहद खराब है। जिसके बाद भारतीय सेना ने ट्वीट कर उनके दावों को बेबुनियाद बताया है।

भारतीय सेना ने ट्वीट किया, ‘शेहला रशीद द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद और खारिज हैं। ऐसी असत्यापित और फर्जी खबरें असामाजिक तत्वों और संगठनों द्वारा अनसुनी आबादी को भड़काने के लिए फैलाई जाती हैं।’

वहीं भारतीय सेना के बयान के बाद, अब यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जा पहुंचा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने रशीद पर फर्जी खबरें पोस्ट करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ गिरफ्तारी की मांग की है।

शेहला रशीद ने अपने एक और ट्वीट में लिखा था, कि शोपिया के आर्मी कैंप में चार लोगों को ले जाकर पूछताछ के नाम पर टॉर्चर किया गया, शेहला के सभी दावों को खारिज करते हुए भारतीय सेना ने इन बातों को बेबुनियाद बताया है।

वैसे (JNU) जेएनयू का नाम बहुत पहले से ही काफी चर्चा में रहा है, क्यूंकि यही वो जगह है जहां 2016 फरवरी में (JNU) जेएनयू कैंपस में ‘अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ जैसे ‘राष्ट्र विरोधी’ नारे लगे थे और इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

इसमें पूर्व जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह, दंगा करने और आपराधिक साजिश के आरोप लगे थे। इस मामले में 3 साल पहले कन्हैया, उमर और अनिर्बान को गिरफ्तार किया गया था बाद में वो जमानत पर बाहर आए थे।

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