पाकिस्तान नहीं आया बाज़ Kulbhushan को बिना शर्त नहीं देगा राजनयिक मदद !

Pakistan will not give political help to Kulbhushan unconditionally
Pakistan will not give political help to Kulbhushan unconditionally

एक बार फिर अपन असली चेहर दिखा दिया है पाकिस्तान ने Kulbhushan Jadhav मामले में राजनयिक पहुंच प्रदान करने में भारत द्वारा रखी गई सभी शर्तों को ठुकरा दिया है, इससे पहले तीन अगस्त को भारत ने पाकिस्तान के मौजूदा स्वरूप में जाधव को राजनयिक पहुंच देने की पेशकश को ठुकरा दिया था। 

ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वह भारत के जम्मू-कश्मीर पर लिए फैसले के खिलाफ है। भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया है, साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है।

वही सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने राजनयिक पहुंच देने के साथ ही कुछ शर्तें भी जोड़ीं और इसकी जानकारी देने के लिए भारत को खत भेजा। भारत की मांग है कि राजनयिक पहुंच पूरी तरह गोपनीय और निजी होनी चाहिए। जबकि पाकिस्तान कैमरे की निगरानी में राजनयिक पहुंच देना चाहता था, जिसके लिए भारत तैयार नहीं है। 

आपको बता दें कि पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि इसी कारण राजनयिक पहुंच पूरी तरह गोपनीय और निजी होनी चाहिए। इस दौरान कोई भी पाक अधिकारी या रिकॉर्डिंग उपकरण वहां नहीं होना चाहिए। 

इस मामले पर भारत का कहना है कि पाकिस्तान के लिए इस परिस्थिति को देखते हुए ये जरूरी है कि वो धमकी और डर के वातावरण से अलग निजी राजनयिक पहुंच प्रदान करे। अगर ऐसा नहीं होता तो ये इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिट (आईसीजे) के फैसले का पूरी तरह लागू नहीं करना माना जाएगा।  

ऐसे में अगर पाकिस्तान भारत की बात नहीं मानता तो एक बार फिर दोनों देशों के बीच कानूनी जंग शुरू हो सकती है। भारत अगर इस मामले को लेकर दोबारा आईसीजे में जाता है तो बहस का मुख्य बिंदु यही होगा। जबकि पाकिस्तान दलील दे सकता है कि वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भारत सहित दुनियाभर के जेल मैन्युअलों के अनुरूप है। वहीं भारत का कहना है कि जेल मैन्युअल सिर्फ सामान्य काउंसलर मामलों में मान्य हैं।

दरअसल भारत की चिंता इस बात को लेकर भी है कि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के बाद भी कई बार जाधव की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहा है। लेकिन पाक इस आधार पर भी राजनायिक पहुंच देने से इनकार कर चुका है, जबकि भारत पाकिस्तान को ये बात कह चुका है कि उसकी ये दलील आईसीजे पहले ही नकार चुका है। 

राजनयिक पहुंच देने के मामले में भारत का कहना है कि इससे आरोपी को उसके बचाव का अधिकार मिलता है। आईसीजे ने पाकिस्तान को वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 36 का दोषी पाया है। पाकिस्तान द्वारा जाधव को निजी राजनयिक पहुंच देने में आनाकानी करने से अब उन सबूतों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनके तहत जाधव को दोषी ठहरा कर सजा सुनाई गई थी।

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