Pakistan: भारत के इस फैसले से टेंशन में आए पाक PM इमरान खान और हो गई भूल !

Pakistan PM Imran Khan came under tension with this decision of India and made a mistake
Pakistan PM Imran Khan came under tension with this decision of India and made a mistake

जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने और अनुच्छेद 370 को ख़त्म किए जाने से टेंशन में आए Pakistan ने आज इस मसले पर चर्चा के लिए संसद के दोनों सदनों की आपात बैठक बुलाई थी, लेकिन वहां उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पाकिस्‍तान के वजीर-ए-आजम यानि प्रधानमंत्री इमरान खान ही इस बैठक में नहीं पहुंचे।

जब यह बात Pakistan के सांसदों को पता चली, उसके बाद सदन में मौजूद सदस्‍यों ने जमकर हंगामा मचा दिया और वे शांत नहीं हुए, इसके बाद स्‍पीकर जब तक उठकर अपने कमरे में नहीं चले गए, वहां हंगामा खत्‍म नहीं हुआ।

दरअसल, पाकिस्‍तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले को लेकर चर्चा के लिए आज संसद के दोनों सदनों की आपात बैठक बुलाई थी, कल जारी किये गए एक आधिकारिक अधिसूचना में नेशनल असेंबली और सीनेट की संयुक्त बैठक बुलाई गई थी। संयुक्त बैठक के लिए नेशनल असेंबली सचिवालय द्वारा एक एजेंडा भी जारी किया गया था और इस बैठक में POK से जुड़े कई फैसलो पर चर्चा होनी थी।

जबकी, भारत के इस कदम पर पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख जनरल जावेद बाजवा को अब पीओके की चिंता सताने लगी है, कल भारत ने जैसे ही कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त किया तो पाक सेना प्रमुख ने तुंरत कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए कमांडरों की मीटिंग कॉल कर दी।

आपको बता दें की उन्‍होंने कॉर्प्स कमांडरों के साथ आज लंबी बैठक की है, जियो न्यूज के अनुसार, कॉर्प्स कमांडरों की बैठक का एजेंडा जम्मू एवं कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के भारत के कदम और नियंत्रण रेखा पर मौजूदा हालात तथा कश्मीर में उसके असर का विश्लेषण करना था।

गौरतलब है की केंद्र सरकार के कदम से बौखलाए पाकिस्तान ने कल ही कहा था कि किसी भी एक तरफा कदम से राज्य के विवादित स्थिति में परिवर्तन नहीं आएगा। विदेश मंत्रालय के एक बयान में, पाकिस्तान ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूनएनएससी) के प्रस्तावों में जम्मू और कश्मीर को विवादास्पद माना गया था और भारत द्वारा एकतरफा निर्णय ‘जम्मू और कश्मीर और पाकिस्तान के लोगों के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।

वही एक और बयान में कहा गया था, ‘इस अंतरराष्ट्रीय विवाद में एक पक्ष होने की वजह से, पाकिस्तान इन अवैध कदमों का मुकाबला करने के लिए सभी संभावित विकल्पों का इस्तेमाल करेगा’।

इसी बयान में आगे ये भी कहा गया की, ‘पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे और अधिकृत जम्मू और कश्मीर के लोगों को उसके राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन के प्रति और उसके आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए अपनी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्टि करता है’।

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