आईसीसी हॉल ऑफ़ फेम में शामिल हुए सचिन तेंदुलकर

Lord of Cricket in the ICC Hall of Fame: Sachin Tendulkar
Lord of Cricket in the ICC Hall of Fame: Sachin Tendulkar

आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम एक ऐसा समूह है, जिसका उद्देश्य क्रिकेट के इतिहास में दिग्गज खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पहचान कर उन्हें सम्मानित करना है। यह 2 जनवरी 2009 को दुबई में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (FICA), के सहयोग से शुरू किया गया था। पहले (FICA) द्वारा केवल 55 खिलाड़ियों को हॉल ऑफ़ फेम से नवाजा गया, लेकिन अब हर साल आईसीसी पुरस्कार समारोह के दौरान कुछ नए खिलाड़ियों को इस श्रेणी में जोड़ा जाता है, वही इस श्रेणी में सचिन तेंदुलकर का नाम भी शामिल हो गया है और कल उन्हें भी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 

रोड मार्श, ऑस्ट्रेलियाई के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हे हॉल ऑफ़ फेम से नवाजा गया। जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के लिए एक विकेटकीपर के रूप में खेलते थे, उन्होंने 96 टेस्ट मैचों में अपनी विकेटकीपिंग के चलते 355 बार विरोधी खिलाड़ियों को आउट किया। हॉल ऑफ फेम में अन्य देशों के खिलाड़ियों की तुलना में अधिक अंग्रेजी खिलाड़ी हैं। अभी तक 90 खिलाड़ियों को इस अवार्ड से नवाजा गया है जिसमे 8 महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं।

कल भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन रमेश तेंदुकार को भी इस अवार्ड से नवाजा गया उनके सात साउथ अफ्रीका के गेंदबाज एलन डोनाल्ड और ऑस्ट्रेलिया की महिला तेज गेंदबाज कैथरीन फिटज़पैट्रिक को इस अवार्ड से नवाजा गया। इससे पहले भारत के कुछ और महान खिलाड़ियों को भी ये अवार्ड मिल चूका है –

1 – बिशन सिंह बेदी (2009)   

बिशन सिंह बेदी बने थे,पहले भारतीय खिलाडी जिन्हे हॉल ऑफ़ फेम ने नवाजा गया

2 – सुनील गावस्कर (2009)  

सुनील गावस्कर बने थे,दूसरे भारतीय खिलाडी जिन्हे हॉल ऑफ़ फेम ने नवाजा गया

  3 – कपिल देव (2009)

4 – अनिल कुंबले (2015)    

     5 – राहुल द्रविड़ (2018)

6 – सचिन तेंदुलकर

वही कल मास्टर ब्लास्टर, सचिन तेंदुलकर बने भारत के छटे खिलाड़ी। सचिन के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन, वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन और 100 अंतरराष्ट्रीय शतक शामिल हैं। लिटिल मास्टर ने अपना टेस्ट डेब्यू 15 नवम्बर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ किया,तब वो महज 16 साल के थे। उन्होंने 24 साल तक भारत के लिए अपना योगदान दिया और 14 नवम्बर 2013 को सन्यास लेकर क्रिकेट को अलविदा कहा।

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