दिग्विजय ने पत्र लिखकर पूछी PM मोदी से ये बात : किस-किस को माफ़ किया !

Digvijay wrote a letter to PM Modi and asking did you forgive to your candidates
Digvijay wrote a letter to PM Modi and asking did you forgive to your candidates

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे हैं, पत्र में मध्यप्रदेश के भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय, साध्वी प्रज्ञा, विश्वास सारंग, प्रहलाद पटेल और जालम सिंह पटेल से जुड़े सवाल हैं, वैसे ये पहली बार नहीं है विग्विजय ने PM मोदी से सवाल पूछा हो और लोकसभा चुनाव के दौरान भी दिग्विजय ने साध्वी के खिलाफ कई टिप्पणियां की थी.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि क्या आपने साध्वी प्रज्ञा को माफ कर दिया है ? उन्होंने आगे लिखा कि मैं यह देखना चाहूंगा कि आपके द्वारा कही गई बात का वास्तव में असर होता है या यह चिंता सिर्फ हाथी के बाहरी दांत की तरह है, आपको बता दें कि भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने पर PM मोदी ने नाराजगी जताई थी और कहा था शायद मैं प्रज्ञा को दिल से कभी माफ़ नहीं कर पाऊंगा, हालांकि साध्वी ने अपने इस बयान पर माफ़ी मांगी थी.

इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पर भी निशाना साधते हुए सवाल पूछा कि नरोत्तम मिश्रा ने खुलकर बोला कि कम उम्र में गलती हो जाती है, क्या वे इन पर कार्रवाई करेंगे ? उन्होंने पूछा कि इंदौर से विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए दिन-रात एक करने वाले विश्वास सारंग के ऊपर क्या कार्रवाई करेंगे ? वे अदालत में सुनवाई के दौरान भी मौजूद थे, बताते चले की आकाश विजयवर्गीय मध्यप्रदेश के महा सचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे है.

2 जुलाई को भाजपा संसदीय दल की बैठक में PM मोदी ने बिना नाम लिए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय के निगम कर्मचारी को बल्ले से मारने वाली घटना पर नाराजगी जताई थी और उन्होंने कहा था कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए, दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है.

दरअसल 26 जून को इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी, अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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