मोदी 2.0 : नहीं रुक रहे आतंकी हमले, अनंतनाग में 5 जवान हुए शहीद, विपक्ष हमलावर !

militants-attacked-police-team-in-jammu-and-kashmir-anantnag

प्रधानमंत्री मोदी जी के पहले कार्यकाल की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही की देश की किसी भी बड़े शहर में कोई भी आतंकी हमला नहीं हो पाया, लेकिन अगर हम बात करे घाटी और देश की सीमाओ से सटे राज्यों की तो वहां आज भी आतंकी हमले एक बहुत बड़ी समस्या बने हुए है, सबसे पहले हम आपको बताते है की मोदी जी के पहले कार्यकाल में कौन कौन से बड़े आतंकी हमले हुए.

14 फरवरी 2019 – अवंतिपोरा में सीआरपीएफ काफिले पर हमला, 40 जवान शहीद
10-11 फरवरी 2018 – सुंजवां सेना कैंप आतंकी पर हमला, छह जवान शहीद
26 अगस्त 2017 – पुलवामा पुलिस लाइन में आतंकी हमला, आठ जवान शहीद
27 अप्रैल 2017 – पंजगाम में सेना के कैंप पर हमला, तीन जवान शहीद

17 अगस्त 2016 – श्रीनगर-बारामूला हाइवे पर सेना के काफिले पर हमला किया,  आठ शहीद
25 जून 2016 – श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर सीआरपीएफ काफिले पर हमला, आठ जवान शहीद
29 नवम्बर 2016 – नगरोटा में आर्मी कैंप पर हमला, सात जवान शहीद
18 सितम्बर 2016 – उरी में सेना कैम्प पर हमला, 19 जवान शहीद
2 जनवरी 2016 – पठानकोट एयर बेस पर हमला, सात जवान शहीद

आपको याद होगा की 14 feb को हुए आतंकी हमले के बाद तो हमारी सेना ने 26 तारीख को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश के अड्डो को धुँआ धुँआ कर दिया था जिसमे 300 से अधिक आतंकी मारे गए, उसके बाद थोड़ी शांति बॉर्डर पर दिखी लेकिन एक बार फिर कल कम से कम दो आतंकवादियों ने अनतनाग के व्यस्त केपी रोड पर सीआरपीएफ के गश्ती दल पर स्वचालित राइफलों से गोलीबारी की और हथगोले फेंके और हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए जबकि चार अन्य घायल हो गए.

घाटी में हुए इस आतंकी हमले के बाद सबसे बड़ी समस्या जो अब सामने उभर कर आ रही है वो ये है की बार बार आतंकियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो जाते है की हमारी सेना पर हमला करने से बाज नहीं आते, सबसे पहले हमारी सेना ने उरी के हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की और कई आतंकी मारे लेकिन पाकिस्तान फिर भी शांत नहीं बैठा.

वही बात करे सेना के मिशन आल आउट की तो उसके तहत 500 से अधिक आतंकी मारे गए जिसमे हाल ही में मारा गया वांटेड आतंकी जाकिर मूसा भी शामिल है तो आखिर ऐसा क्या है की स्थानीय युवा आतंकी बन रहे है ? वही इस हमले के बाद विपक्ष फिर सरकार के उपर हमलावर मोड़ में है.

कांग्रेस के बड़े नेता और मीडिया कोआर्डिनेटर सुरजे वाला ने लिखा है की 5 जवानों की शहादत से वो सदमे है और वो सरकार से मांग करते है की कड़ा बदला लिया जाये और आगे से ऐसी आतंकी हमले ना हो ऐसा उपाय किया जाए, वही सुरक्षा के जानकारों का मानना है की कश्मीर में धारा 370 के कारण कई बार सरकार को अपनी सीमा में रहकर ही कार्य करना पड़ता है और ऐसे में यह अब बहुत जरुरी हो गया है की सरकार धारा 370 और 35 A को हटाने का काम करे !

Facebook Comments