बंगाल में अमित शाह का रोड शो : “जय श्री राम” के लगे नारे, अमित शाह बोले ममता की हार निश्चित

Amit Shah's rally in Bengal: Kolkata police removed PM Modi banner-poster, Mamata flares BJP

लोकसभा चुनाव अपने अंतिम दिशा की ओर है और सभी पार्टिया अपना-अपना प्रचार करने में लगी है, उसी क्रम में आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का पश्चिम बंगाल में रोड शो होना था लेकिन पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने एक बार फिर अमित शाह के चुनावी प्रचार में खलल डालने की कोशिश की.

पश्चिम बंगाल में सियासी पारा काफी गरम चल रहा है और भाजपा, टीएमसी के बीच रार बढ़ती जा रही है, कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली से पहले राज्य पुलिस सभा की अनुमति के कागजात मांगने पहुंची.

पेपर नहीं दे पाने पर मंच तोड़ने को कह डाला और बढ़ते विवाद के बीच भाजपा कार्यकर्ता रैली स्थल पर जमे ही थे कि इधर, सड़कों पर से पीएम मोदी और अमित शाह समेत भाजपा के कई होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटा दिए गए.

वही कोलकाता पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर पोस्टर-बैनर हटाए गए हैं, आयोग के अधिकारियों के अनुसार, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया है, भाजपा नेता मुकुल रॉय, बाबुल सुप्रियो और पार्टी के अन्य नेताओं ने इस कार्रवाई की भर्त्सना की है.

जिसके बाद बीजेपी के नेता कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो भी ट्वीट किया और लिखा की, अमित शाह जी की रैली में अड़ंगेबाजी, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने भाजपा को परेशान करने के लिए प्रशासन को खुला छोड़ रखा है। अमित शाह जी की रैली में अड़चन डालने के लिए लाऊडस्पीकर को पुलिस ने मुद्दा बना लिया है। ये चुनावी आचार संहिता है या ममता सरकार की हठधर्मी ?”

लेकिन पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी के इतने अड़ंगे लगाने के बावजूद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का भव्य रोड शो अारंभा हो चुका है और उन्होंने एक बार फिर से लगवाए “जय श्री राम” के नारे.

दरअसल कुछ दिन पहले भी ममता बनर्जी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के हेलीकॉप्टर तक को लैंड करने की इज़ाज़त नहीं दी, उन्हें जाधवपुर में जनसभा करने थी और यहाँ से ममता बनर्जी के भतीजे चुनावी मैदान में है, जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष ने कहा था की, दीदी डर गई है कही उनका भतीजा हार न जाए इसलिए मुझे रैली नहीं करने दी.

आपको बता दें की इससे पहले 21 जनवरी को शाह के हेलिकॉप्टर को लैंड करने की मंजूरी नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें उस दिन की रैली को स्थगित करना पड़ा था और उसके बाद उन्होंने 22 जनवरी को माल्दा में रैली की थी.

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