भारतीय वायुसेना को मिला “चिनूक” : दुश्मनो के छक्के छुड़ाएगा और उन्हें नेस्तनाबूद करेगा

Air Force got

आज भारतीय वायुसेना के लिए गौरव का दिन है क्यों की भारत की वायुसेना में औपचारिक रूप से “चिनूक” को चंडीगढ़ में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोओ की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया. भारत ने अमेरिका से ऐसे 15 हेलीकॉप्टर खरीदे हैं.

आपको बता दे इस हेलीकॉप्टर का पूरा नाम ‘चिनूक सीएच-47आई’ है इस मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर को बोइंग नाम की कंपनी ने बनाया है कंपनी ने अब तक कुल 1179 चिनूक हेलिकॉप्टर बनाए हैं..

आइये अब आपको इसकी खूबियों के बारे में बताते है

  • इसकी ऊंचाई 18 फीट और चौड़ाई 16 फीट है, यह करीब 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है
  • चिनूक करीब 11 हजार किलो तक के हथियार और सैनिकों को आसानी से उठाने में सक्षम है
  • इसे दो पायलट उड़ा सकते हैं, 20000 हज़ार फ़ीट तक उड़ान भरें में सक्षम है
  • यह हेलिकॉप्टर छोटे से हेलिपैड और घाटी में भी लैंड कर सकता है
  • खराब मौसम में भी ये हेलिकॉप्टर उड़ान भरने में सक्षम है

चिनूक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल दुनिया के 26 देश कर रहे है, 1962 से अमेरिकी सेना चिनूक हेलिकॉप्टर का इस्तमाल कर रही है चिनूक ने काफी बड़े युद्धों में अपनी भूमिका निभाई है जैसे वियतनाम युद्ध, लीबिया, ईरान, अफगानिस्तान समेत इराक में भी यह हेलीकॉप्टर बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा चुका है

इसका इस्तेमाल से वायुसेना और भी ताकतवार हो जाएगी, अब पाकिस्तानी सीमा पर वायुसेना काफी अच्छे से निगरानी कर पाएगी ..

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने इस मौके पर बताया कि चिनूक हेलीकॉप्टर हमारे कई ऑपरेशन पूरे करने में मददगार रहेगा न केवल दिन में, बल्कि रात में भी इसका बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी दूसरी ईकाई पूर्वी बेड़े में शामिल की जाएगी।

Facebook Comments