मई में रमजान और नेता हो रहे परेशान : क्या मुस्लिम वोट सिर्फ एक पार्टी के लिए है ?

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चुनाव आयोग ने आने वाले लोक सभा चुनाव की घोषणा कर दी है, आज से ठीक 1 महीने बाद लोक तंत्र का महा पर्व शुरू होगा जो की 19 मई को खत्म होगा, चुनाव आयोग ने कल बताया की इस बार 7 चरणों में चुनाव होंगे.

पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल, दूसरे चरण की 18 अप्रैल, तीसरे चरण की 23 अप्रैल, चौथे चरण की 29 अप्रैल, पांचवे चरण की 6 मई, छठे चरण की 12 मई और सातवें चरण की वोटिंग 19 मई को होगी. और 23 मई को मतगणना होगी.

पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटें, दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटें, तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115 सीटें, चोथे चरण में 9 राज्यों की 71 सीटें, पांचवे चरण में 7 राज्यों की 51 सीटें, छठे चरण में 7 राज्यों की 59 सीटें और सातवें चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर चुनाव होगा.

एक तरफ देश में चुनाव की तैयारियां शुरू होने वाली है वही रमजान पर राजनीति हो रही है और चुनाव आयोग को घेरा जा रहा है वही बीजेपी को फायदा दिलाने का आरोप आयोग पर लगाया जा चुका है.

आम आदमी पार्टी से लेकर टीएमसी तक बिना वजह रमजान पर राजनीति कर रहे है और जो इस पर राजनीति कर रहे हैं उनका कुतर्क यह है कि 5 मई से शुरू होकर 4 जून तक रमजान चलेगा और इसी बीच 5 से 7va चरण (पाँचवा फेज- 6 मई, छठा फेज- 12 मई, सातवाँ फेज- 19 मई) का चुनाव भी होगा..

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता हाकिम ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है और हम उसका सम्मान करते हैं और इन चुनावों में सबसे ज्यादा परेशानी मुस्लिमों को होगी क्योंकि वोटिंग की तारीखें रमजान के महीने में रखी गई हैं..

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