संसद के आखिरी दिन जानिये मोदी ने कैसे लिए राहुल गांधी के मजे !

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16वीं लोकसभा का कल आखिरी दिन था और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा की तरह अपने चिर परिचित अंदाज़ में बोले और खूब बोले, सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने तो उन्हें अगली बार भी प्रधानमन्त्री बनने का आशीर्वाद तक दे डाला, पर इस बार कुछ ऐसा भी खास था जो लोगो की नजरो से बच गया और वो था प्रधानमन्त्री मोदी का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर किया गया एक व्यंग्य !

मोदी ने पूरा किया अपना बदला –

वो लम्हा तो आपको याद ही होगा जब जुलाई 2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी अचानक पीएम नरेंद्र मोदी के गले लग गए थे, तो इस बार मोदीजी से रहा नहीं गया और उन्होंने जाते-जाते इस पर मजे ले ही लिए, वो बोले –

सदन में खूब चर्चा होती थी कि भूकंप आएगा. पर पांच साल में कोई भूकंप नहीं आया. मैं सदन में नया था. यहां आया तो पहली बार मुझे पता चला कि गले लगना और गले पड़ना में क्या अंतर होता है..

 उन्होंने एक सांसद के नाते अपने अनुभव बयान किये और मजाकिया लहजे मे कहा की मैं पहली बार देख रहा हूं कि सदन में आंखों से गुस्ताखियां होती हैं.

आगे pm मोदी ने कहा की ये भी मुझे पहली बार देखने को मिला और मीडिया ने भी इस पर खूब मजे लिए और सांसदों को सदन की गरिमा का खयाल करना चाहिए.

आखिरी भाषण में क्या बोले मोदी –

पीएम मोदी के भाषण में जो बड़ी बाते रहीं वो हम आपको बता देते है –

1- तीन दशक बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार आई है. इस बार 14 सत्र हुए. 8 सत्र ऐसे रहे जिनमें 100 प्रतिशत काम हुआ. औसतन 85 प्रतिशत के साथ हम विदाई ले रहे हैं.

2- ये सदन सबसे ज्यादा महिला सांसद वाला रहा. 44 महिला सांसद तो पहली बार चुनी गईं. देश में पहली बार सर्वाधिक महिला मंत्री हैं. स्पीकर महिला हैं. सेक्रेटरी जनरल भी महिला हैं.

3 -इस सदन में करीब 219 बिल आए. 203 बिल पारित भी हो गए. जो आज सांसद हैं, वो जब भी इसके बारे में बताएंगे. कि हमारे कार्यकाल में कालेधन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सबसे ज्यादा कड़े कानून बने थे.

4 -मैटरनिटी लीव 12 हफ्ते से 26 हफ्ते कर दी गई. 1400 से ज्यादा कानून खत्म हुए जिनका काम नहीं था. ये एक शुरुआत है. अभी आगे बहुत कानून कम करने हैं.

5 -जीएसटी का बिल पारित हुआ. आधी रात में ये काम हुआ. पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस पर साइन किए. समाज के एक वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण पास करने का काम किया.

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