उमर अब्दुल्ला का बड़ा हमला : हार के बाद बीजेपी को आई आरक्षण की याद !

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. सरकार ने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला किया है. कैबिनेट ने 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण को मंजूरी दे दी है. जानकारी के मुताबिक, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपए से कम है उन्हें इस आरक्षण का लाभ मिलेगा. आरक्षण पर चर्चा के लिए दो दिन संसद का शीतकालीन सत्र बढ़ाया जा सकता है.

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वही आज आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने के मामले में संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा पेश कर दिया गया है. दोपहर 2 बजे से इसपर चर्चा होगी. सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया है.

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वही मोदी सरकार के इस निर्णय पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने निशाना साधा है, उन्होंने बयान दिया है की कहा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी को याद आया कि आरक्षण देना है.

उन्होंने कहा कि 4.5 बाद इस सरकार को यह बात याद आई. सच तो यह है कि उनका आरक्षण देने का इरादा ही नहीं है. अगर संसद से यह पास नहीं होता है तो वे कहेंगे कि हमने कोशिश की लेकिन संसद से इसे पास नहीं होने दिया गया.

बता दे की पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने के लिए सरकार ने कुछ पैमाने बनाए हैं. आरक्षण सिर्फ उन्हीं सवर्णों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होगी. इसके अलावा आरक्षण के हकदार वे ही रहेंगे जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन होगी और आरक्षण का फायदा किसे मिलेगा, इसका भी निर्धारण कर दिया गया है.

 

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