क्या सच में इमरान खान मानते हैं कि कश्मीर का हल युद्ध नहीं?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि जंग कश्मीर मुद्दे का हल नहीं है और इसे बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है. इमरान खान ने समाचार चैनलों के पत्रकारों के एक समूह को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब तक कि कोई बातचीत शुरू नहीं होती, तब तक कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा नहीं की जा सकती है.

युद्ध नहीं हो सकता-इमरान 

जब उनसे कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के फॉर्मूला के बारे में पूछा गया तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके दो या तीन समाधान हैं, जिसपर चर्चा की गई हैं. हालांकि, उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी साझा करने से इनकार करते हुए कहा, ‘इसपर बात करना अभी काफी जल्दीबाजी होगी.’ भारत के साथ किसी युद्ध की संभावना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न दो देश युद्ध नहीं कर सकते, क्योंकि इसका परिणाम हमेशा खतरनाक होता है. उन्होंने कहा, भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाने के लिए पाकिस्तान अत्यधिक गंभीर है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना और उनकी सरकार भी यही चाहती है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी, जिससे सीमा के दोनों ओर स्थित दो प्रमुख गुरूद्वारे जुड़ेंगे. इस कार्यक्रम में भारत से दो केंद्रीय मंत्रियों हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी के साथ ही कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए थे. खान ने इस समारोह का इस्तेमाल कश्मीर मुद्दे पर सहित द्विपक्षीय वार्ता बहाल करने के कदम का आह्वान करने के लिए किया था. उनकी इस टिप्पणी पर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया जताई गई थी. भारत ने इस बात पर खेद जताया कि खान ने इस पवित्र मौके का इस्तेमाल कश्मीर के बारे में उल्लेख करने के लिए किया जो भारत का एक अभिन्न हिस्सा है.

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