3 in 1 वैक्सीन हर साल बचा सकती है 1 लाख बच्चों की जान

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ जिंदगी जीना किसी जंग से कम नहीं. खासकर बिमारी से जूझते हुए. चाहे वो बच्चा हो या बड़ा. कुछ विकासशील देशों की ही अगर बात करें तो इन देशों में हर साल 5 साल से कम उम्र के 1 लाख बच्चों की मौत डायरिया की बीमारी से होती है लेकिन गुएल्फ यूनिवर्सिटी एक ऐसी वैक्सीन पर रिसर्च कर रही है जो डायरिया के इस खतरे को लगभग लगभग खत्म कर देगा.

गुएल्फ यूनिवर्सिटी के मारियो मोंटेरियो ने इस बात की पुष्टि की है कि आने उन्होंने एक ऐसी वैक्सीन का डिजाईन तैयार कर लिया है जो उन तीन तरह के रोगजनक कारणों को इंसान के शरीर से खत्म कर देगा जिससे जानलेवा बीमारी पैदा होती हैं.

मारियो मोंटेरियो का कहना है

उनकी 3 इन 1 वैक्सीन की कोशिश अगर कामयाब हो जाती है तो ये उन विकासशील देशों के लिए वरदान साबित होगा जहाँ हर साल डायरिया जैसी बिमारियों से 1 लाख से ज्यादा 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत हो जाती है.

वैक्सीन जनरल में छपी ये स्टडी बताती है कि  चूहों पर की गई इस दवाई के टेस्ट में ये पाया गया कि वैक्सीन शरीर में एक तरह कि प्रतोरोधक क्षमता को बाधा देता है जो तीनों प्राणघातक रोगजनक कारणों Escherichia coli, Campylobacter jejuni, Shigella से बचाता है. साथ ही ऐसी वैक्सीन जो तीनों रोगजनकों से रक्षा कर सके अभी तक विकसित ही नहीं हुई है.

2009 में मोंटेरियो ने Campylobacter jejuni से रक्षा के लिए एक वैक्सीन ज़रूर बनाई थी जिसका ह्यूमन ट्रायल अभी प्रोसेस में है लेकिन इस 3 इन 1 वैक्सीन का मकसद ही है एक बार में तीनों रोगजनकों को खत्म कर देना भले ही आपको किसी से बचाव की ज़रूरत हो.

फिलहाल अभी इस वैक्सीन का डिजाईन बनकर तैयार हो गया है. अगर ये वाच्कोने आने वाले समय में बनकर तैयार हो जाती है और भारत में इसका इस्तेमाल शुरू हो जाता है तो डायरिया जैसी घटक बिमारियों से बचाव संभव हो सकेगा.

कैसे होता है डायरिया

सामान्य रूप से पतले बिना मरोड़ के मल का बार-बार आना अतिसार, दस्त या डायरिया रोग कहलाता है। यह एक जाना-पहचाना बच्चों, जवानों और बूढ़ों सभी को हो जाने वाला आम रोग है। डायरिया को शिशुओं की मौत का बड़ा कारण माना गया है। दस्त लगने से शरीर में पानी और खनिज लवण निकलने से शरीर को जरुरी पोषण नहीं मिल पाता है।

डायरिया से बचने के उपाय 

  • डायरिया से बचाव के लिए बासी, तली, भारी, मिर्च-मसालेदार चीजो का सेवन न करें।
  • ज्यादा गर्मी में शराब, चाय, कॉफी, कम पिये या ना पियें क्योकि इससे शरीर में और ज्यादा गर्मी बढ़ जाती हैं जो कुछ लोगो के लिए डायरिया का कारण बन सकती हैं |
  • बासी, खट्टी महक वाला दूध न पिएं ।
  • डायरिया से बचाव के लिए मक्खियां बैठी या बिना ढकी हुई खाने-पीने की चीजें न खाएं।
  • फ्रिज में रखे हुए पदार्थ बाहर निकाल कर तुरंत न खाएं।
  • आलू, इमली, बैगन, गोभी, अचार का सेवन न करें। Read this –जानिए फ़ूड पॉइजनिंग के कारण और बचाव के उपाय
  • दावतों में बहुत पहले से कटे हुए प्रदूषित सलाद के सेवन से बचें।
  • अंगूठों और अंगुलियों के नाखून न बढ़ाएं और न उनमें मैल जमा होने दें।
  • गंदा व बासी पानी न पिएं।

डायरिया हो जाने पर क्या करें

  • पीने का पानी उबालकर, ठंडा करके पिएं।
  • शरीर में पानी और नमक की कमी बिलकुल ना हो इस बात का ख्याल रखें | थोड़ी- थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें
  • एक बार ज्यादा खाने की बजाय थोडा थोडा रूक रूक कर खाएं |
  • खिचड़ी दलिया जैसे हल्के भोजन का सेवन करें |
  • पेट को गर्म कपड़े से ढक कर रखें।
  • भोजन करने के पहले हाथों की सफाई अवश्य करें।
  • हाथों के नाखून काट कर रखें।
  • प्याज को पीसकर नाभि पर लेप करें।
  • पुदीने के ताजा पत्तो को पानी में उबाल कर पियें |
  • एक चम्मच चाय की पत्ती और चौथाई चम्मच नमक लेकर इनको पीस कर रख लें | इसे दिन में तीन बार गर्म पानी से लेने से पेट दर्द और डायरिया ठीक हो जाता है |
  • याद रखें , बैक्टीरिया के संक्रमण से होने वाला डायरिया डाक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाई लेने पर ही जल्द ठीक हो सकता है।
  • अगर ज्यादा मात्रा में और बार-बार दस्त लग रहे है, और मरीज के पेट में कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं रूक पा रहा है तो तुरंत किसी डाक्टर से सम्पर्क करें नहीं तो शरीर में डीहाईडरेशन से मरीज बेहोश भी हो सकता है |
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