UP के देवरिया में मुजफ्फरपुर जैसा कांड, संचालिका सहित तीन गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले जैसा कांड सामने आया है, जहां एक बालिका गृह मां विध्यवासिनी में बच्चियों के शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में बालिका गृह के संचालक पति-पत्नी सहित तीन को गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि वर्ष 2017 में संस्था की गतिविधि संदिग्ध पाये जाने के बाद सीबीआई ने बालिका गृह का लाइसेंस रद्द कर दिया था, बावजूद इसके संस्था में बच्चियों को रखा जा रहा था.

मामले का खुलासा तब हुआ जब बालिका गृह की एक बच्ची भागकर पुलिस के पास पहुंचीं. बच्ची ने बताया कि उन्हें शेल्टर होम में नौकरों की तरह रखा जाता है. रात को कार आती है जिसमें 15 साल से अधिक की बच्चियों को ले जाया जाता है. सुबह में बच्चियां रोते हुए वापस आती थीं. पुलिस के पास पहुंचने वाली बच्ची बिहार के बेतिया की रहने वाली है.

पुलिस एसपी रोहन पी कनई ने बताया कि जांच चल रही है और जल्दी ही मामले की पूरी जानकारी मिल जायेगी. उन्होंने बताया कि यहां से 24 लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है, साथ ही 18 बच्चियां लापता हैं और अभी तक इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पायी है.

हालांकि संस्था की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने कहा कि उनपर जो इल्जाम लगाया जा रहा है वह बिलकुल गलत है. पुलिस तो कुछ भी कहकर उसे कबूल करवाना चाहती है. उन्होंने बताया कि उनका तीन साल से भुगतान नहीं किया गया है. भुगतान न मिलने के कारण वह संस्था को खाली नहीं कर रही थी.

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर कांड के बाद देश भर में कई इलाकों में शेल्टर होम जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. भागलपुर के शेल्टर होम पर भी सवालिया निशान खड़े किये हैं जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शेल्टर होम के संचालक प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया है. टाटा इंस्टीच्यूट अॅाफ सोशल साइंस ने अपनी अॅाडिट रिपोर्ट में यह दावा किया है कि शेल्टर होम में बच्चियों की रहने की व्यवस्था ठीक नहीं थी.

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