गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत, 8,000 करोड़ का पैकेज देगी सरकार

कैराना उपचुनाव में हार का झटका सहने के बाद अब केंद्र सरकार उत्तर भारत की इस चीनी पट्टी (शुगर बेल्ट) के बड़े सेंटर के गन्ना किसानों को राहत पैकेज देने की तैयारी कर रही है। मोदी सरकार चीनी मिलों को किसानों का बकाया अदा करने के लिए 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैकेज देने वाली है।

देश भर के गन्ना किसानों का 22 हजार करोड़ से ज्यादा रुपया चीनी मिलों पर बकाया है। इसमें आधे से ज्यादा रकम यूपी के गन्ना किसानों की बकाया है। पैकेज में 30 लाख टन का गन्ने का बफर स्टॉक होगा, जिसके लिए किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर होंगे। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने 18 मई को सबसे पहले इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि बफर स्टॉक को बनाने और गन्ने का न्यूनतम मूल्य निर्धारित करने का इस पैकेज में प्रस्ताव है।

चीनी का न्यूनतम मूल्य होगा तय
सरकारी सूत्रों ने बताया कि बफर स्टॉक बनाने पर करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चीनी मिलें यह स्टॉक अपने पास रखेंगी और सरकार रख-रखाव के साथ ही बाकी खर्चों का वहन करेगा। सूत्रों के मुताबिक इस पैकेज में एथनॉल कपैसिटी बढ़ाने के लिए 4400 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजना है। इसकी बदौलत गन्ना किसानों को समय पर बकाया अदा करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने इसके साथ ही फैसला किया है कि चीनी का न्यूनतम मूल्य 29 रुपये किलो तय किया जाए, हालांकि चीनी मिलें इसे 34-35 रुपये के बीच रखने की मांग कर रही हैं। एक सूत्र ने बताया, ‘चीनी के दाम तय करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चीनी की कीमतें पूरी तरह नियंत्रण में रहें और सालभर चीनी की पर्याप्त आपूर्ति को बरकरार रखा जाए।’

गन्ना किसानों की नाराजगी हार की बड़ी वजह
बता दें कि वेस्ट यूपी के कैराना और नूरपुर में हुए उपचुनावों में बीजेपी को विपक्ष से शिकस्त झेलनी पड़ी है। समाजवादी पार्टी-आरएलडी के कैंडिडेट को यहां जीत हासिल हुई है। गन्ना किसानों की नाराजगी को बीजेपी की हार की एक अहम वजह बताया जा रहा है। आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने भी जीत के बाद दिए बयान में कहा था कि कैराना में जिन्ना हारा और गन्ना जीता है।

यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से चर्चा की थी। माना जा रहा है कि दोनों के बीच उपचुनाव में मिली हार की वजहों पर मंथन हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अगले दो दिन के अंदर मोदी कैबिनेट गन्ना किसानों और शुगर इंडस्ट्री के लिए इस पैकेज पर मुहर लगा सकती है।

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