Home बड़ी ख़बर तहखाने में मासूमों को बंद कर स्कूल बना हैवान, कारण जान रह जायेंगें हैरान

तहखाने में मासूमों को बंद कर स्कूल बना हैवान, कारण जान रह जायेंगें हैरान

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दिल्ली के एक स्कूल से अजीबोगरीब मामला सामने आया हैं जो इंसान को झकझोर कर रख देगा। स्कूल एक ऐसा स्थान हैं जहां घर परिवार के बाद माता-पिता अपने बच्चे को सबसे सुरक्षित समझते हैं। लेकिन जब स्कूल ही बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करे तो पेरेंट्स क्या करें। दरअसल दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल से ऐसी ही शर्मनाक वारदात सामने आयी हैं। जहां पेरेंट्स द्वारा फीस जमा न किये जाने पर पांच से आठ साल की 59 बच्चियों को घंटों तहखाने में बंधक बना कर रखा गया।

इस तहखाने में बंधक बनी मासूम बच्चियां 40 डिग्री तापमान में भूखी-प्यासी तड़पती रही और दोपहर होने का बेसब्री से इंतजार करती रही। बच्चियां ये सोचती रही कि कब दोपहर हो और उनके पेरेंट्स आकर उन्हें आकर घर लेकर जाएं। वाकई हुआ भी यही इस तहखाने में बंधक बनी बच्चियों ने जब अपने पेरेंट्स को देखा तो उनके आंसू निकल पड़े। सोचने वाली बात हैं, बच्चियों का घंटों तहखाने में बंधक बनकर उनका डर से सामना करना, उनके पेरेंट्स को देखकर फूटकर रोना यह साबित करता हैं कि वह उस तहखाने में अपने जन्मदाताओं को कितना याद कर रही थी और इस कठोर सजा से जूंझ रही थी।

बता दें इस मामले में पेरेंट्स का कहना हैं कि बच्चों को जिस तहखाने में बंद किया गया उस रुम की बाहर से कुंडी लगा रखी थी। परिजनों का आरोप हैं जब वह बच्चियों को लेने स्कूल पहुंचे तो स्कूल का स्टॉफ भी सही तरह बर्ताव नही कर रहा था और न ही संतुष्टि भरा जवाब दे रहा था। बच्चियों का स्कूल के तहखाने में बंद होकर भूख-प्यास से सामना करना, बेहुदा व्यवहार करना, स्कूल प्रशासन की कठोर मानसिकता को दर्शाता हैं। मासूम बच्चियों का भूख-प्यास से बुरा हाल था। जब बच्चे अपने पेरेंट्स से मिलें और रोने लगे तो माता-पिता भी बच्चियों की यह स्थिति देखकर हैरान रह गए और उनकी हालत देख वह भी गले लगकर रोने लगे।

इसी दुर्व्यवहार से नाराज परिजनों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने जूवेनाइल जस्टिस ऐक्ट की धारा 75 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बात की भनक लगने पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ‘मैं भी यह जानकर चौंक गया। मैंने फौरन अधिकारियों को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।’

बता दें, मामले ने मंगलवार को उस वक्त तूल पकड़ा जब इस हैरतअंगेज घटना का विडियो और तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें दिख रहा है कि छात्राओं को तहखाने में बंद किया गया है। ये विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। विडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों में गहरा रोष है। विडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियां तहखाने में फर्श पर बैठी हैं।

आरोप था कि वहां पंखा भी नहीं था। पैरंट्स का दावा है कि उन्होंने जब तहखाने के दरवाजे खोलें तो बच्चियां जमीन पर बैठी हुईं थीं। अपने परिजनों को देखकर बच्चियों ने रोना शुरू कर दिया। बच्चियों को तहखाने में बैठाने के पीछे स्कूल का तर्क था कि उनकी जून महीने की फीस अब तक जमा नहीं की गई है, जबकि अभिभावकों ने स्कूल के आरोपों को खारिज करते हुए फीस समय पर जमा कराने की रसीदें भी पुलिस को दिखाई हैं।अभिभावकों का कहना है कि बच्चियां 40 डिग्री तापमान में 5 घंटे से भूखी-प्यासी थीं और जब इसको लेकर बच्चियों के मां-बाप ने हेड मिस्ट्रेस फरहा डीबा खान से बात की तो उन्होंने बेहद ही बदतमीजी से बात की और स्कूल से बाहर निकाल देने की धमकी दी।

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