Home उत्तर प्रदेश वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: 20 की मौत 30 से अधिक घायल, लोगों ने देखा मौत का मंजर…

वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: 20 की मौत 30 से अधिक घायल, लोगों ने देखा मौत का मंजर…

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पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में कैंट रेलवे स्टेशन के निकट निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में बचाव एवं राहत का काम पूरा हो चुका है। बीम को क्रेन की मदद से हटाया जा चुका है।

मलबे में दबे वाहनो को दोपहर तक हटाया जाएगा। भीडभाड वाले इस क्षेत्र में निर्माणधीन पुल के दोनो ओर दीवार खडी की जाएगी। निर्माण कार्य फिलहाल स्थगित रहेगा। उन्होने कहा कि हादसे में 20 लोगों की मौत हुई है जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बचाव दल ने मलबे से 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या पर असमंजस बना हुआ है। मुख्य सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने मंगलवार रात 18 लोगों के मरने की पुष्टि की थी जबकि एनडीआरएफ के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने हादसे में 16 लोगों की मृत्यु की बात कही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हादसे में घायल 2 लोगों ने देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया जिससे घटना में मरने वालों की तादाद बढकर 20 हो गई है।

घायलों को करवाया अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल लोगों को बीएचयू ट्रामा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में 5 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्य रात्रि को घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से हादसे के कारणों की पडताल की।

उन्होने अस्पतालों में भर्ती घायलों का हालचाल जाना और पीडितों के परिजनो का सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। फ्लाईओवर के निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुये उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सेतु निर्माण निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक एचसी तिवारी, परियोजना प्रबंधक के एस सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लाल चंद को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। कमेटी में कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता भूपेन्द्र शर्मा और जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल शामिल है।

योगी ने पूछा बीम गिरने की वजह 
योगी ने घटनास्थल पर मौजूद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से बीम के गिरने का कारण पूछा हालांकि अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मुख्यमंत्री के सवाल का जवाब नही दे सके। गौरतलब है कि गत दिनो वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निरीक्षण किया था। उन्होने सडक के दोनों ओर बैरिकेडिंग करवाने का निर्देश देते हुए कहा था कि इस काम में लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।

चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के विस्तारीकरण का शिलान्यास एक अक्टूबर 2015 में हुआ था। 1710 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 30 माह में पूरा होना था। इस फ्लाईओवर के निर्माण की अनुमानित लागत 77.41 करोड़ रुपए है। विस्तारीकरण के तहत फ्लाईओवर में 63 पिलर बनने हैं जिनमे 45 पिलर बन कर तैयार हो चुके हैं।

तय समय सीमा 30 जून तक काम पूरा नही हो सकने की संभावना के चलते सेतु निर्माण निगम समयावधि बढ़ाने की कोशिश कर रही है। कैंट स्टेशन के निकट चौकाघाट लहरतारा निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा कल शाम साढे पांच बजे तेज धमाके के साथ गिर गया था।

भगदड़ मचने से भी कई लोग गिरे
भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुए इस हादसे में यात्रियों से भरी एक बस,चार कारें, 5 आटो रिक्शा और कई 2 पहिया वाहन दब गए। पीएसी,एनडीआरएफ और सीआरपीएफ की टीमों ने राहत और बचाव कार्य में जुटे जबकि राहत कार्य में स्थानीय नागरिकों ने बढचढ कर हिस्सा लिया। देर रात तक पिलर के मलबे में दबी बस को सात क्रेनो की मदद से निकाल लिया गया।

घायलों को बीएचयू ट्रामा सेंटर समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाके में पिलर के गिरने से आसपास के क्षेत्र में धूल और धुएं का गुबार छा गया। अचानक हुए इस हादसे में भगदड़ मचने से कई लोग एक दूसरे पर गिर पड़े। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया। दुर्घटनाग्रस्त पिलर के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने अपने घेरे में ले लिया। दमकल विभाग और पुलिस के जवानों के साथ स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुट गए।

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